Uttarakhand News: बिना चालक के ढलान पर दौड़ी एंबुलेंस, मरीज समेत 4 लोग बाल-बाल बचे

Driverless ambulance rolls down a slope

Driverless ambulance rolls down a slope

श्रीनगर गढ़वाल (पौड़ी)। Driverless ambulance rolls down a slope, बेस चिकित्सालय श्रीकोट-श्रीनगर में गुरुवार को एक बड़ा हादसा होने से टल गया। अस्पताल से हायर सेंटर के लिए रेफर किए गए एक गंभीर मरीज को लेकर एक निजी एंबुलेंस बिना चालक के ही ढलान पर दौड़ पड़ी।

तेज रफ्तार एंबुलेंस ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग किनारे खड़ी एक कार को टक्कर मारते हुए एक आवासीय मकान की सुरक्षा दीवार से जा टकराई।

गनीमत रही कि इस घटना में एंबुलेंस के अंदर मौजूद मरीज और उनके तीन तीमारदार सुरक्षित बच गए। पुलिस ने एंबुलेंस चालक को हिरासत में ले लिया है।

मौत के मुंह में जाने से बचे

चमोली जिले के कर्णप्रयाग (एंड गांव) निवासी मुरारी सिंह बिष्ट लंबे समय से बीमार चल रहे हैं। बेस अस्पताल श्रीकोट के डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर किया था, जिसके लिए परिजनों ने देहरादून से एक निजी एंबुलेंस मंगवाई थी।

परिजनों ने जैसे ही मरीज मुरारी सिंह को आईसीयू से लाकर एंबुलेंस में शिफ्ट किया और खुद भी अंदर बैठे, तभी अचानक गाड़ी ढलान पर आगे बढ़ गई।

ड्राइवर गाड़ी से बाहर ही था और देखते ही देखते एंबुलेंस बिना चालक के ही गेट से निकलकर बदरीनाथ हाईवे की तरफ तेज रफ्तार से दौड़ने लगी।

हाईवे पर मची अफरा-तफरी

बिना ड्राइवर के भागती एंबुलेंस को देखकर हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। इस दौरान वहां से गुजर रहे एक कार और एक मोटरसाइकिल सवार बाल-बाल बचे।

एंबुलेंस ने सबसे पहले हाईवे किनारे खड़ी एक कार को जोरदार टक्कर मारी।

इसके बाद वह अनियंत्रित होकर स्थानीय निवासी राजेंद्र प्रसाद गैरोला के आवासीय मकान की सुरक्षा दीवार को तोड़ते हुए रुक गई। इस टक्कर से मकान के परिसर में खड़ी दो अन्य गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं।

क्यों हुआ यह अजीबोगरीब हादसा?

श्रीकोट पुलिस चौकी के हेड कांस्टेबल महेंद्र सिंह रावत तुरंत फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और गाड़ी में फंसे मरीज व परिजनों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस जांच में हादसे की यह वजह सामने आई:

  • एंबुलेंस चालक शिशुपाल ने गाड़ी को ढलान पर स्थिर रखने के लिए आगे के टायर के पास सिर्फ एक ईंट लगाई हुई थी और हैंड ब्रेक खींचा था।
  • जैसे ही मरीज को शिफ्ट करने के बाद परिजनों की गाड़ी में हलचल हुई, एंबुलेंस ईंट को लांघकर ढलान पर नीचे की ओर भाग खड़ी हुई।
  • एंबुलेंस मालिक हृदय यादव के मुताबिक, ड्राइवर पीछे का दरवाजा बंद ही कर रहा था कि गाड़ी अनियंत्रित हो गई।

पुलिस ने कार्रवाई की

कोतवाल कुलदीप सिंह ने बताया कि पीड़ित मकान मालिक राजेंद्र प्रसाद गैरोला की तहरीर पर आरोपित एंबुलेंस चालक शिशुपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

हादसे के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बीमार मुरारी सिंह बिष्ट को दोबारा बेस अस्पताल श्रीकोट में सुरक्षित भर्ती कराया।